हस्तकला या शिल्पकला
विद्यालय में विद्यार्थियों को हस्तकला व शिल्प कला में निपुण बनाने हेतु अनेक गतिविधियाँ करवाई जाती हैं, जैसे – रंगोली बनाना, राखी बनाना, धागे से चित्रकला, कार्ड बनाना, कागज के खिलौने बनाना, व पतंग बनाना आदि ।विद्यार्थी इन गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैँ। उपरोक्त गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में निम्न गुणों का विकास संभव होता है –
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना ।
रचनात्मकता व आत्म – अभिव्यक्ति ।
स्थिरता व पर्यावरण मित्रता को बढ़ावा ।
आत्मविश्वास में वृद्धि |